
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | रांची | Updated: 27 फ़रवरी 2026: झारखंड हाई कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पूर्व मंत्री कमलेश सिंह के बेटे सूर्य सोनल सिंह, पत्नी मधु सिंह, पुत्री अंकिता सिंह और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह की क्रिमिनल रिवीजन याचिका खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की एकल पीठ ने यह आदेश पारित किया। अदालत के इस फैसले के बाद निचली अदालत में लंबित ट्रायल की कार्यवाही दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन रहने के कारण ट्रायल कोर्ट की प्रक्रिया पर रोक लगी हुई थी, जो अब हट गई है।
पहले भी खारिज हो चुकी है डिस्चार्ज याचिका
इस मामले में आरोपियों की ओर से पहले डिस्चार्ज याचिका दायर की गई थी, जिसे 25 नवंबर 2017 को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद आरोपियों ने क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की, जिसे अब निरस्त कर दिया गया है।
मामले में आरोप पहले ही तय किए जा चुके हैं और अब विशेष ईडी अदालत में आगे की सुनवाई जारी रहेगी।
ईडी का आरोप: 5.83 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग
Enforcement Directorate (ईडी) ने आरोप लगाया है कि पूर्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान परिवार के सदस्यों ने कथित रूप से अवैध धन का उपयोग कर संपत्ति अर्जित की और उसे वैध दिखाने का प्रयास किया।
एजेंसी के अनुसार कुल 5 करोड़ 83 लाख 64 हजार 197 रुपये की राशि की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। इस संबंध में ईडी ने 10 अक्टूबर 2009 को मामला दर्ज किया था।
ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में पूर्व मंत्री, उनकी पत्नी मधु सिंह, पुत्र सूर्य सोनल सिंह, पुत्री अंकिता सिंह और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह को आरोपी बनाया है।
2017 में भेजे गए थे न्यायिक हिरासत में
साल 2017 में रांची स्थित विशेष ईडी अदालत ने सूर्य सोनल सिंह और नरेंद्र मोहन सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा था। उस समय भी एजेंसी ने 5.83 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप दोहराया था।
ताजा आदेश के बाद विशेष अदालत में ट्रायल की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। ईडी अब गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी। मामले की अगली सुनवाई की तिथि निचली अदालत द्वारा निर्धारित की जाएगी।


