नीतीश एग्जिट चर्चा के बीच निशांत संग संजय झा की मीटिंग

रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | बिहार | Updated: 7 मार्च 2026: बिहार की राजनीति इन दिनों तेज़ी से बदलते घटनाक्रमों के कारण चर्चा में है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के संभावित राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच विपक्ष लगातार हमलावर है। Tejashwi Yadav की पार्टी Rashtriya Janata Dal ने आरोप लगाया है कि जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha और केंद्रीय मंत्री Rajiv Ranjan Singh नीतीश कुमार को दिल्ली शिफ्ट कराने की रणनीति में शामिल हैं।

इन आरोपों के बीच संजय झा ने एक अहम राजनीतिक कदम उठाते हुए अपने आवास पर जेडीयू के युवा विधायकों की बैठक बुलाई। इस बैठक में खास तौर पर मुख्यमंत्री के बेटे Nishant Kumar को आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने पार्टी के युवा विधायकों से सीधा संवाद किया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बैठक सिर्फ एक सामान्य मुलाकात नहीं थी, बल्कि जेडीयू में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक संकेत भी मानी जा रही है। माना जा रहा है कि अगर भविष्य में नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होते हैं, तो पार्टी के भीतर नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी की जा रही है।

युवा विधायकों से सीधा संवाद

संजय झा के आवास पर हुई इस बैठक में करीब दो दर्जन युवा विधायक शामिल हुए। बैठक में मंत्री Shravan Kumar और जेडीयू एमएलसी Sanjay Gandhi समेत कई नेता मौजूद रहे। चर्चा के दौरान संगठन की दिशा, पार्टी के भविष्य और युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर बात हुई।

बैठक के बाद सभी नेताओं ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई, जिसे पार्टी के भीतर एक प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कई युवा विधायकों ने निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में आने और पार्टी की जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रोत्साहित किया।

निशांत की एंट्री से पहले माहौल तैयार?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक जेडीयू में समर्थन का माहौल तैयार करने की रणनीति भी हो सकती है। जेडीयू प्रवक्ता Neeraj Kumar ने बताया कि सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार पूरे बिहार का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।

इधर जेडीयू कार्यालय के बाहर निशांत कुमार के स्वागत में बड़े-बड़े पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिनमें “विकसित बिहार के नए अध्याय की शुरुआत – निशांत कुमार” जैसे नारे लिखे गए हैं।

हालांकि विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को परिवारवाद से जोड़कर सवाल उठा रहा है। गौरतलब है कि Nitish Kumar लंबे समय तक परिवारवाद की राजनीति के आलोचक रहे हैं, लेकिन अब पार्टी में नई पीढ़ी को आगे लाने की चर्चा ने बिहार की सियासत को और गर्म कर दिया है।

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