अनिल अंबानी केस ईडी की कई ठिकानों पर बड़ी छापेमारी

रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | मुंबई | Updated: 6 मार्च 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उद्योगपति Anil Ambani से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके समूह की कंपनी Reliance Power और अन्य संबंधित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक, मुंबई, हैदराबाद समेत देश के विभिन्न शहरों में करीब 10 से 12 स्थानों पर ईडी की लगभग 15 टीमें एक साथ तलाशी अभियान चला रही हैं। यह कार्रवाई कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की जा रही है, जिसका संबंध Reliance Communications (आरकॉम) से जुड़े वित्तीय लेनदेन से बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि आरकॉम और उसकी समूह कंपनियों द्वारा लिए गए भारी-भरकम बैंक ऋणों का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया और क्या इसमें किसी तरह की वित्तीय अनियमितता या मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। बताया जा रहा है कि घरेलू और विदेशी बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों से लिए गए करीब 40,185 करोड़ रुपये के ऋण में से बड़ी राशि अब भी बकाया है, जबकि कई खाते एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित हो चुके हैं।

इससे पहले भी ईडी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 फरवरी को मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित अनिल अंबानी की आलीशान आवासीय संपत्ति ‘अबोड’ (Abode) को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 3,716.83 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अब तक अंबानी समूह से जुड़ी कुल 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

ईडी के विशेष कार्यबल ने यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (पीएमएलए), 2002 के तहत की है। जांच में यह भी सामने आया है कि पाली हिल स्थित इस संपत्ति को एक निजी पारिवारिक ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था, जो अंबानी परिवार के सदस्यों से जुड़ा बताया जाता है। एजेंसी का आरोप है कि इस कॉर्पोरेट पुनर्गठन के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि अनिल अंबानी का इस संपत्ति से सीधा संबंध नहीं है।

जांच एजेंसी का मानना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य संपत्तियों को सुरक्षित रखना और उन्हें उन व्यक्तिगत देनदारियों से बचाना था, जो आरकॉम को दिए गए बैंक ऋणों के बदले अनिल अंबानी द्वारा दी गई पर्सनल गारंटी से जुड़ी थीं। जबकि दूसरी ओर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का फंसा हुआ कर्ज अब भी वसूल नहीं हो पाया है।

फिलहाल ईडी की छापेमारी जारी है और जांच एजेंसी दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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