आर० डी० न्यूज़ नेटवर्क : 28 नवंबर 2023 : पटना। शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत स्कूलों में साल में 220 दिन पढाई के लिए स्कूलों में छुट्टी में कटौती के बाद आज अपर मुख्य सचिव केके पाठक का नया फरमान आया है। स्कूलों में पठन-पाठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखा है। पत्र में उल्लेख है कि जिलाधिकारी शिक्षा विभाग के शिक्षकों , शिक्षकेत्तर कर्मियों और टोला सेवकों की प्रतिनियुक्ति चुनाव संबंधी कार्य (मुख्यत: बीएलओ) में कर रहे हैं। शिक्षा विभाग इस संबंध में अवगत है कि बिना इस विभाग के कर्मियों के सहयोग से जिला में चुनाव का काम नहीं हो सकता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग सिर्फ आपसे यह अनुरोध करना चाहता है कि अगर आप शिक्षकों , टोला सेवकों आदि को चुनाव से संबंधी कोई भी ड्यूटी लगाते हैं तो उन्हें शाम 05 बजे के बाद ही चुनाव संबंधी कार्य हेतु योगदान करने को कहें ताकि निर्धारित समय 05 बजे तक स्कूल का काम-काज प्रभावित न हो। इसके साथ ही पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि चुनाव का कार्य करने के लिए उन्हें अलग से मानदेय मिलता है , लिहाजा उन्हें इस कार्य के लिए अतिरिक्त घंटा काम करना पड़े तो संबंधित कर्मी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। आप जब भी शिक्षा विभाग के कर्मियों को चुनाव ड्यूटी में लगाएं तो यह ध्यान रखें कि सुबह 09 बजे से शाम 05 बजे तक की स्कूल अवधि बाधित न हो। चुनाव संबंधी कोई भी काम शाम 05 बजे के बाद किया जाना उचित होगा।

 शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो अपर मुख्य सचिव के आदेश का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के साथ शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो इसका ख्याल रखा जाएगा।

    लोकसभि का अगले वर्ष अप्रैल-मई में अवश्य॔भीवी चुनाव के मद्दनजर पांच लाख से अधिक शिक्षकों को चुनाव के काम में पांच बजे के बाद लगान के आदेश के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। अपर मुख्य सचिव के आदेश के बाद जहां शिक्षक हलकान हैं वहीं टोला सेवक एवं अन्य कर्मियों के चेहरे पर भी मायूसी दिखने लगी है। आदेश पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग के कर्मी और शिक्षक अपने-अपने ढंग से आदेश की व्याख्या कर रहे हैं।

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