
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | Ranchi | Updated: 2 मार्च 2026: राजधानी रांची में रविवार को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली सैन्य हमलों के विरोध में दो अलग-अलग स्थानों पर व्यापक प्रदर्शन आयोजित किए गए। शिया समुदाय के लोगों के साथ-साथ कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर हमलों की निंदा की और वैश्विक शांति बनाए रखने की अपील की।
जाफरिया मस्जिद से कर्बला चौक तक विरोध मार्च
All India Shia Personal Law Board की झारखंड इकाई के आह्वान पर चर्च रोड स्थित जाफरिया मस्जिद से कर्बला चौक तक विरोध मार्च निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में पुरुष, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei के समर्थन में नारे लगाए और उनके चित्र हाथों में लेकर एकजुटता व्यक्त की।
जुहर की नमाज के बाद मस्जिद परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए इमाम मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि खामेनेई केवल शिया समुदाय के नेता नहीं, बल्कि मुस्लिम उम्मत की एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने ईरान पर हुए हमले को न सिर्फ एक देश पर आक्रमण, बल्कि समूचे इस्लामी जगत की अस्मिता पर चोट बताया।
वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देती हैं और आम नागरिकों की जान जोखिम में डालती हैं। जुलूस के दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
अल्बर्ट एक्का चौक पर धरना-प्रदर्शन
दूसरी ओर, शहर के प्रमुख स्थल अल्बर्ट एक्का चौक पर Jharkhand Janadhikar Mahasabha, CPI(ML) Liberation, Communist Party of India (Marxist) और Communist Party of India सहित अन्य संगठनों के बैनर तले नागरिकों ने धरना दिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल पश्चिम एशिया में सामरिक वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं। वक्ताओं का कहना था कि ईरान पर हमला उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
सभा में फिलिस्तीन मुद्दे का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में लगातार बढ़ती हिंसा और संघर्ष वैश्विक शांति के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने युद्धविराम और संवाद के जरिए समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत सरकार से हस्तक्षेप की अपील
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति, कूटनीति और संवाद की पहल का समर्थन करे। इस दौरान “युद्ध बंद करो”, “ईरान पर हमला बंद करो” और “फिलिस्तीन के साथ एकजुटता” जैसे नारे लगाए गए।
दोनों स्थानों पर एहतियातन पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
यह विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि पश्चिम एशिया की घटनाओं का असर भारत के विभिन्न हिस्सों में भी देखा जा रहा है, जहां लोग वैश्विक शांति और न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।


