
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | पटना | Updated: 10 मार्च 2026: बिहार में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता Tejashwi Yadav ने मंगलवार को अपने आवास पर पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में Alok Kumar Mehta, Bhola Yadav समेत कई बड़े नेता पहुंचे और चुनावी रणनीति पर मंथन किया जा रहा है।
हालांकि इस बैठक के बीच आरजेडी के लिए एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, Asaduddin Owaisi की पार्टी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) ने इस बैठक से दूरी बना ली है।
AIMIM ने बैठक से बनाई दूरी
AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष Akhtarul Iman ने स्पष्ट कहा कि उन्हें इस बैठक की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह तेजस्वी यादव की “पारिवारिक बैठक” है और पार्टी को इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पहले यह तय होना चाहिए कि क्या तेजस्वी यादव को AIMIM के समर्थन की जरूरत है या नहीं।
अख्तरुल ईमान ने कहा कि यदि जरूरत पड़ेगी तो पार्टी नेतृत्व इस पर विचार करेगा।
दिल्ली से लौटे तेजस्वी, लेकिन बातचीत नहीं
AIMIM नेता Akhtarul Iman ने बताया कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पहले Tejashwi Yadav से बातचीत हुई थी। उस समय तेजस्वी ने कहा था कि दिल्ली से लौटने के बाद इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगे, लेकिन अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब पार्टी को बैठक की सूचना ही नहीं दी गई, तो AIMIM के विधायकों के इसमें शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।
राज्यसभा चुनाव का गणित
बिहार से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को करीब 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है।
वहीं महागठबंधन के सभी दलों को मिलाकर फिलहाल करीब 35 विधायक ही होते हैं, ऐसे में बिना अतिरिक्त समर्थन के Rashtriya Janata Dal के लिए अपने उम्मीदवार को जिताना आसान नहीं माना जा रहा।
बढ़ सकता है सियासी सस्पेंस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर AIMIM समर्थन नहीं देती है तो राज्यसभा चुनाव में RJD का गणित बिगड़ सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में Tejashwi Yadav और AIMIM नेतृत्व के बीच कोई नई बातचीत होती है या नहीं।


