
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | लखनऊ | Updated: 13 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश बीजेपी को 11 महीने के इंतजार के बाद नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। पार्टी के केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का नाम सबसे अधिक चर्चित है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि पंकज चौधरी आज अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं, हालांकि बीजेपी हमेशा अपने फैसलों से सभी को चौंकाती रही है।
भव्य कार्यक्रम में होगी औपचारिक घोषणा
बीजेपी अपने नए प्रदेश अध्यक्ष का एलान भव्य समारोह के दौरान औपचारिक रूप से करेगी। इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे:
• केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और यूपी संगठन चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल
• बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े
• संगठन महासचिव बी.एल. संतोष, जिन्होंने चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया
पूरे लखनऊ को सजाया गया है, और सभी विधायकों व सांसदों को राजधानी में रहने का निर्देश दिया गया है।
2027 विधानसभा चुनाव में बीजेपी का रणनीतिक दांव
पार्टी ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस बार ओबीसी चेहरे पर दांव लगाया है। कुर्मी समुदाय से आने वाले पंकज चौधरी:
• सात बार सांसद रह चुके हैं
• वर्तमान में महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं
• अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत गोरखपुर में पार्षद के रूप में की थी
• आज पूर्वांचल के बड़े राजनीतिक चेहरों में शामिल हैं
बीजेपी की यह रणनीति गैर-यादव ओबीसी वोटों को एकजुट करना भी मानी जा रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) दांव ने बीजेपी को झटका दिया था, जिससे पार्टी अब ओबीसी वोट बैंक मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कुर्मी वोट बैंक पर खास नजर
उत्तर प्रदेश में यादवों के बाद कुर्मी दूसरी सबसे बड़ी ओबीसी जाति मानी जाती है। राज्य की लगभग 30-40 विधानसभा सीटों पर कुर्मी वोटरों का असर निर्णायक होता है। खासकर ये क्षेत्र हैं:
• तराई
• काशी
• गोरखपुर
• अवध
• रुहेलखंड
पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने को बीजेपी की राजनीतिक मजबूती और ओबीसी वोट बैंक में विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
सारांश
• यूपी बीजेपी को 11 महीने बाद नया प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा।
• पंकज चौधरी के नाम पर सबसे तेज चर्चा है।
• भव्य समारोह में केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी।
• बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए ओबीसी वोट बैंक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।


