रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | नई दिल्ली | Updated: 17 नवंबर 2025: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़े बहुचर्चित मामले में आज इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल बांग्लादेश (ICTBD) फैसला सुनाने जा रहा है। इस ऐतिहासिक फैसले से पहले पूरे देश में तनावपूर्ण माहौल बन गया है। राजधानी ढाका में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ‘शूट एट साइट’ का आदेश लागू कर दिया गया है।

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) के आयुक्त शेख मोहम्मद सज्जात अली ने आदेश जारी करते हुए कहा कि आगजनी, कॉकटेल धमाकों या पुलिस एवं नागरिकों पर हमले की किसी भी कोशिश पर बलों को तुरंत कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। यह आदेश ऐसे समय में लागू हुआ है जब अवामी लीग द्वारा आयोजित 16-17 नवंबर की दो दिवसीय हड़ताल के दौरान राजधानी में व्यापक हिंसा, आगजनी और विस्फोट की घटनाएँ सामने आई हैं।

शेख हसीना पर गंभीर आरोप, दोषी पाए जाने पर मांगा गया मृत्युदंड

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अनुपस्थिति में ही यह फैसला सुनाया जाएगा। उनके खिलाफ हत्या, मानवता के खिलाफ अपराध, छात्रों की गिरफ्तारी व टॉर्चर, एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग और बलों के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप तय किए गए हैं। प्रॉसिक्यूशन ने हसीना के दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड की मांग की है। यह भी महत्वपूर्ण है कि कोर्ट ने 10 जुलाई 2024 को ही हसीना के खिलाफ सभी आरोपों को आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया था।

ढाका छावनी में तब्दील, हाईकोर्ट से ट्रिब्यूनल क्षेत्र तक आवाजाही बंद

फैसले से पहले ढाका में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

•             पुलिस और RAB की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

•             हाईकोर्ट गेट से डोयल छत्तर तक सभी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

•             ट्रिब्यूनल परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है।

•             सुबह 11 बजे से कार्यवाही शुरू होने की पुष्टि की गई है।

हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी महत्वपूर्ण सरकारी, न्यायिक और प्रशासनिक क्षेत्रों को हाई-अलर्ट पर रखा गया है।

जुलाई 2024 में गिरी थी हसीना की सरकार, उसके बाद बढ़ा विवाद

जुलाई 2024 में हुए छात्र आंदोलन ने तीव्र रूप लिया, जिसके बाद हिंसा और अराजकता फैल गई। इसे हसीना विरोधी समूहों की राजनीतिक साजिश भी माना गया। इस उथल-पुथल के बीच हसीना सरकार को गैर-लोकतांत्रिक तरीके से गिरा दिया गया। अगस्त 2024 में शेख हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गईं।

इसके बाद:

•             उनके खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज किए गए।

•             अंतरिम सरकार का नेतृत्व नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने संभाला।

•             संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2024 की हिंसा में 1,400 से अधिक लोग मारे गए।

आज का फैसला बांग्लादेश के राजनीतिक भविष्य पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

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