रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | कोलकाता | Updated: 13 दिसंबर 2025: पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद को लेकर विवाद लगातार गर्म है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता दिलीप घोष ने राज्य में बाबरी मस्जिद बनाने की मांग को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने की साजिश की जा रही है और यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का “गिफ्ट” है।

दिलीप घोष ने विशेष रूप से मुगल बादशाह बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने के फैसले पर सवाल उठाया। उनका कहना था, “पूरे देश में कहीं भी बाबरी मस्जिद नहीं है, तो इसे बंगाल में क्यों बनाया जा रहा है? बाबर एक जालिम और हमलावर था। मस्जिद बनाना गलत नहीं है, लेकिन इसे बाबर के नाम पर क्यों बनाया जा रहा है?”

नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा

यह बयान 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आया है। मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले विधायक हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि वे 22 दिसंबर 2025 को एक नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगे। कबीर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की TMC को सीधे चुनौती देंगे और उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारेंगे।

6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में नींव रखी गई, और कबीर ने इसे संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान के आर्टिकल 26(a) के तहत हर धार्मिक समूह को धार्मिक और चैरिटेबल संस्थाएं बनाने की अनुमति है। उन्होंने कहा, “कोई भी मंदिर या चर्च बना सकता है, मैं मस्जिद बनाऊंगा। यह बाबरी मस्जिद नहीं बनने की अफवाह है।”

BJP ने ममता बनर्जी पर उठाए सवाल

बीजेपी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कबीर को धार्मिक ध्रुवीकरण करने की अनुमति दी और उनके सस्पेंशन में देरी करके राज्य की स्थिरता को खतरे में डाला। पार्टी ने कबीर के पहले के बयानों का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि जिले की मुस्लिम आबादी 70 प्रतिशत है।

कबीर ने नींव रखने के बाद कहा कि मस्जिद के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें हॉस्पिटल, गेस्टहाउस और मीटिंग हॉल शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह मुसलमानों का वादा है – बाबरी मस्जिद बनेगी, बनेगी, बनेगी।”

राजनीतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य

• यह विवाद पश्चिम बंगाल की आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों में राजनीतिक तनाव बढ़ा सकता है।

• BJP का आरोप है कि ममता बनर्जी की पार्टी धार्मिक ध्रुवीकरण की अनुमति देकर चुनावी फायदे उठाने की कोशिश कर रही है।

• हुमायूं कबीर की नई पार्टी और मुसलमान समुदाय के लिए प्रस्तावित मस्जिद निर्माण, दोनों ही राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बने हुए हैं।

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