
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | पुणे | Updated: 5 मार्च 2026: महाराष्ट्र के पुणे में चोरी की एक बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने कुख्यात ‘सनी गैंग’ के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। Pune Police की विश्रामबाग पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से लाखों रुपये मूल्य का सोना-चांदी और अन्य कीमती सामान बरामद किया है। पुलिस इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।
स्पेशल टीम बनाकर की गई कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त Hrishikesh Rawal ने बताया कि 18 जनवरी को Pune के विश्रामबाग इलाके में एक घर में सेंधमारी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। जब यह जानकारी मिली कि आरोपी पुणे की ओर आ रहे हैं, तो पुलिस ने जाल बिछाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
लाखों का सोना-चांदी बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 32 तोला सोना और 125 ग्राम चांदी बरामद की है। इसके अलावा भी कई कीमती वस्तुएं जब्त की गई हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सामान की कुल कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश सुभाष (23) और जितेंद्र चतुर्वेदी (32) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से Delhi के रहने वाले हैं। दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
दिल्ली के ज्वेलर के पास रखा था चोरी का सामान
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए कुछ जेवरात उन्होंने दिल्ली के एक ज्वेलर के पास गिरवी रखे थे। पुलिस अब उस ज्वेलर की पहचान और अन्य संभावित खरीददारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
इसके लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश के स्थानीय पुलिस अधिकारियों की भी मदद ली जा रही है।
कई राज्यों में सक्रिय है गैंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह सनी गैंग उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों में चोरी, डकैती और गंभीर अपराधों में सक्रिय रहा है। आरोपियों के खिलाफ Ghaziabad और दिल्ली में हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार यह गैंग अलग-अलग राज्यों में घरों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था और बाद में चोरी का सामान दूसरे राज्यों में बेच देता था।
अन्य सदस्यों की तलाश जारी
डीसीपी Hrishikesh Rawal ने बताया कि गैंग के बाकी सदस्य अभी भी फरार हैं और उनके Uttar Pradesh, Delhi और Madhya Pradesh में सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में स्थानीय नागरिकों और मुखबिरों से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसकी मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गैंग के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।


