
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | गोरखपुर | Updated: 4 मार्च 2026: Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने माफिया, आतंकवाद और उग्रवाद पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “हिरण्यकश्यप जैसे माफिया-गुंडे प्यार से नहीं मानते, क्योंकि लातों के भूत बातों से नहीं मानते।”
मुख्यमंत्री यह बयान गोरखपुर में होलिका दहन उत्सव समिति, पांडेयहाता द्वारा आयोजित भक्त प्रह्लाद की शोभायात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए दे रहे थे।
पौराणिक प्रतीकों से वर्तमान पर प्रहार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने हिरण्यकश्यप, कंस और रावण जैसे पौराणिक पात्रों की तुलना वर्तमान समय की अराजकता और गुंडागर्दी से की।
उन्होंने कहा कि जैसे इन राक्षसों के अंत के लिए नृसिंह, कृष्ण और राम का अवतार हुआ, वैसे ही समाज से अराजक तत्वों के सफाए के लिए कठोर कदम जरूरी होते हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया जहां अस्थिरता और उपद्रव से जूझ रही है, वहीं भारत “नए भारत” के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
“उत्सव प्रदेश” बना उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2014 से पहले त्योहारों के दौरान कई बार कर्फ्यू लग जाता था, जिससे लोग खुले मन से पर्व नहीं मना पाते थे।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा और सुविधाओं के साथ “उत्सव प्रदेश” बन चुका है, जहां कानून-व्यवस्था मजबूत है और नागरिकों में विश्वास का माहौल है। उन्होंने इसे “रामराज्य” की संज्ञा दी।
होली पर संयम की अपील
रंगोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि होलिका दहन और होली के दौरान शांति और मर्यादा बनाए रखें।
उन्होंने कहा:
किसी पर जबरन रंग न डालें
अश्लील गीत न बजाएं
ऐसा कोई कार्य न करें जिससे टकराव की स्थिति बने
मतांतरण पर आत्ममंथन की जरूरत
मुख्यमंत्री ने गोरक्ष प्रांत की समन्वय बैठक में सामाजिक मुद्दों पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि मतांतरण की समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
उनके अनुसार, जो व्यक्ति मतांतरण करता है, वह किसी न किसी कारण से समाज से आहत होता है। यदि उसके कारणों को दूर किया जाए, तो ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
मदरसा पाठ्यक्रम और शिक्षा पर स्पष्टता
मदरसा शिक्षा को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि वहां शासन द्वारा स्वीकृत यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू है।
ओएमआर पद्धति हटाकर लिखित परीक्षा लागू करने की मांग पर उन्होंने कहा कि देश एआई युग में प्रवेश कर चुका है, ऐसे में पीछे लौटना उचित नहीं होगा।
उच्च शिक्षा विभाग में कैशलेस उपचार व्यवस्था के प्रस्ताव को जल्द आगे बढ़ाने की बात भी उन्होंने कही और ‘अभ्युदय कोचिंग’ योजना से अधिक छात्रों को जोड़ने का आह्वान किया।
सख्त संदेश, संयम की सलाह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस संबोधन में जहां माफिया और अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त संदेश था, वहीं त्योहारों को शांति और मर्यादा के साथ मनाने की अपील भी शामिल रही।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक संदेश—दोनों को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


