आर० डी० न्यूज़ नेटवर्क : 01 जून 2022 : सासाराम : किसी भी दुकान, प्रतिष्ठान, होटल, ढाबा, मोटर गैराज आदि में कोई भी बाल श्रमिक नियोजित पाया जाता है, तो उस बाल श्रमिकों को नियमानुसार विमुक्त करा कर उनके मालिकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होगी. इसमें संबंधित मालिक पर 20 हजार रूपया का जुर्माना लगेगा. यदि जुमार्ना जमा नहीं किया गया तो संबंधित मालिक पर अलग से एक सर्टिफिकेट केस दायर होगा. यह निर्देश जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीआरडीए भवन के सभागार में आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को दी. बता दें समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में प्रधान सचिव श्रम संसाधन विभाग अरविंद चौधरी द्वारा श्रम विभाग, नियोजन विभाग, आइटीआई के प्राचार्य आदि के साथ समीक्षा बैठक की गयी. बैठक में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार, डीडीसी शेखर आनंद भी शामिल हुए. समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव व जिलाधिकारी ने सभी संबंधित को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.

बैठक में नियोजन विभाग के तहत चलाई जा रहे सभी 64 कौशल विकास केंद्रों के परफॉर्मेंस की समीक्षा की गई. जिले के पांच आईटीआईएस में से कम से कम दो को सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है. जिन्हें इसी वर्ष सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में प्रारंभ करने का निर्देश प्रधान सचिव द्वारा दिया गया.

वहीं जिलाधिकारी द्वारा यह निर्देशित किया गया कि जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय में बाल श्रम के विरुद्ध विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाए.

श्रम अधीक्षक के द्वारा गठित धावादल के माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों में बारी बारी से लगातार निरीक्षण की कार्रवाई की जाए. यदि किसी भी दुकान/ प्रतिष्ठान /होटल /ढाबा /मोटर गैराज आदि में कोई भी बाल श्रमिक नियोजित पाया जाता है, तो उस बाल श्रमिकों को नियमानुसार विमुक्त करा कर उनके मालिकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करें. सभी नियमों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए उनसे प्रति बाल श्रमिक 20000 की राशि वसूल कर जिला बाल श्रमिक पुनर्वास में जमा कराएं. यदि नियोजक 20000 की जुर्माना राशि जमा राशि जमा नहीं कराते हैं तो ऐसे नियोजकों पर अलग से एक सर्टिफिकेट केस दायर करें.

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