आर० डी० न्यूज़ नेटवर्क : 22 सितम्बर 2022 : मुंबई : शिवाजी पार्क में होने वाली शिवसेना की दशहरा रैली को लेकर विवाद जारी है। इस मामले में अब एकनाथ शिंदे गुट के विधायक सदा सर्वंकर ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया और उद्धव गुट की याचिका पर सुनवाई नहीं करने की मांग की। सर्वंकर ने कहा कि अगर हाईकोर्ट इस मुद्दे पर कोई आदेश पारित करता है, तो यह ‘असली शिवसेना’ को लेकर चल रहे विवाद के फैसले में बाधा उत्पन्न करेगा।

दरअसल बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शिंदे और उद्धव गुट दोनों को झटका दिया है, जिसके तहत दोनों ही गुटों को 5 अक्टूबर की दशहरा रैली की इजाजत नहीं मिली। इसके पीछे की वजह स्थानीय पुलिस की रिपोर्ट को बताया जा रहा। जिसमें कहा गया था कि अगर किसी गुट को इजाजत दी गई, तो वहां पर हालात बिगड़ सकते हैं। ऐसे में एहतियात के तौर पर किसी भी गुट को रैली की इजाजत नहीं मिली। इसके बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने हाईकोर्ट का रुख किया।

इसके बाद विधायक सर्वंकर भी हाईकोर्ट पहुंचे। अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि वो शिंदे गुटे से ताल्लुक रखते हैं और एकनाथ शिंदे ही उनके मुखिया हैं। इस वजह से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने जो याचिका दायर की है, वो भ्रामक और गलत तथ्यों के साथ है। आज की तारीख में इस बात पर विवाद है कि असली शिवसेना का प्रतिनिधित्व कौन करता है? ये मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, ऐसे में अगर इस मामले में फैसला आया तो इस विवाद के फैसले में दिक्कत होगी।

सर्वंकर ने कहा कि 30 अगस्त को उन्होंने बीएमसी को एक आवेदन दायर कर मध्य मुंबई के प्रतिष्ठित शिवाजी पार्क में शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना में ज्यादातर नेताओं/विधायकों/सांसदों का बहुमत एकनाथ शिंदे के पास है। उद्धव ठाकरे को पार्टी के अंदर किसी का समर्थन नहीं प्राप्त है।

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