
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | पटना | Updated: 3 मार्च 2026: बिहार की राजनीति में एक बार फिर चौंकाने वाला मोड़ आया है। Bharatiya Janata Party (भाजपा) ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। बिहार से पार्टी ने Nitin Nabin के साथ-साथ शिवेश कुमार राम को उम्मीदवार बनाया है।
भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार Pawan Singh को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं के बीच शिवेश कुमार राम का नाम सामने आना राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।
कौन हैं शिवेश कुमार राम?
Shivesh Kumar Ram भाजपा के वरिष्ठ और संगठनात्मक स्तर पर लंबे समय से सक्रिय नेता हैं। वे वर्तमान में बिहार भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं और इससे पहले प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रदेश सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
वे बिहार के पूर्व विधायक भी रह चुके हैं और पार्टी संगठन में जमीनी स्तर से काम करते हुए ऊपर तक पहुंचे हैं।
शिवेश कुमार राम पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ दलित नेता Munilal के पुत्र हैं। ऐसे में वे राजनीतिक विरासत के साथ-साथ संगठनात्मक अनुभव भी रखते हैं।
राजनीतिक सफर: संगठन से सदन तक
वर्ष 2010 में उन्होंने भोजपुर जिले के अगिआंव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की।
2010 से 2015 तक वे विधायक रहे।
2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें सासाराम (आरक्षित) सीट से उम्मीदवार बनाया, हालांकि वे चुनाव जीत नहीं सके।
इसके बावजूद संगठन में उनकी सक्रियता और निष्ठा बरकरार रही।
पार्टी के भीतर उन्हें एक अनुशासित, शांत और रणनीतिक नेता के रूप में देखा जाता है, जो पर्दे के पीछे संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाते रहे हैं।
क्या है भाजपा की रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शिवेश कुमार राम का चयन सिर्फ एक नाम की घोषणा नहीं, बल्कि एक सोशल इंजीनियरिंग रणनीति का हिस्सा है।
वे अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आते हैं।
सासाराम और भोजपुर जैसे इलाकों में दलित मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ मानी जाती है।
भाजपा आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दलित वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश में है।
नितिन नवीन जैसे शहरी और संगठनात्मक चेहरे के साथ शिवेश कुमार राम को राज्यसभा भेजना भाजपा की संतुलित राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है।
एनडीए में क्या चल रहा है?
राज्य की पांच खाली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए 5 मार्च नामांकन की अंतिम तिथि है।
Janata Dal (United) (जदयू) ने Ram Nath Thakur को दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। वहीं, एक अन्य नाम पर अभी मंथन जारी है।
एनडीए की ओर से Nishant Kumar के नाम की भी चर्चा जोरों पर है, हालांकि इस पर आधिकारिक मुहर अभी बाकी है।
निष्कर्ष
शिवेश कुमार राम को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी अपने पुराने, वफादार और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं पर भरोसा जता रही है।
पवन सिंह के नाम की चर्चाओं के बीच यह फैसला बताता है कि भाजपा भावनात्मक या लोकप्रिय चेहरों के बजाय संगठनात्मक निष्ठा और सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता दे रही है।
अब नजर राज्यसभा चुनाव के परिणाम और बिहार की आगामी राजनीतिक बिसात पर टिकी है, जहां यह दांव कितना कारगर साबित होगा, यह समय बताएगा।


