नोखा । नोखा विधानसभा क्षेत्र में कुल 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है बिहार में पहली महिला मंत्री देने का गौरव नोखा विधानसभा के नाम है 1985 में कांग्रेस से चुनाव जीतने वाली सुमित्रा देवी राज्य में पहली बार महिला मंत्री के रूप में शामिल हुई थी । उसके तीन दशक बाद महागठबंधन के राजद से चुनाव जीतने वाली अनीता देवी पहली बार चुनाव जीतकर पर्यटन मंत्री बनकर क्षेत्र के इतिहास को दोहरा दिया ।

इस बार के चुनावी दंगल में उतरे पूर्व पर्यटन मंत्री अनिता देवी को विरासत में राजनीति मिली है इस सीट पर अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले निवर्तमान जदयू जिलाध्यक्ष नगेंद्र चंद्रवंशी एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार बनाए गए हैं पहले यह सीट भाजपा के खाते में थी इस सीट पर चार बार भाजपा से चुनाव जीतने वाले रामेश्वर प्रसाद चौरसिया टिकट से वंचित होने पर आज सासाराम चित्र से लोजपा प्रत्याशी के रूप में ताल ठोंक रहे हैं नोखा विधानसभा के इतिहास पर नजर डालें तो 1952 से लगातार चार विधानसभा चुनाव यानी 1967 तक कांग्रेस पार्टी का कब जा रहा पहला चुनाव 1952 में कांग्रेस उम्मीदवार रघुनाथ प्रसाद ने जीता था 1990 के चुनाव में जनता दल से जंगी चौधरी चुनाव जीतकर मंत्री बने थे वर्ष 1995 में उनके पुत्र आनंद मोहन चुनाव जीतकर राज्य सरकार में मंत्री बने थे 2000 के चुनाव इस सीट पर भाजपा नेता रामेश्वर प्रसाद चौरसिया अपना कब्जा जमा लिया और विधानसभा चुनाव तक यहां से जीते रहे इस बार 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं जिनमें एनडीए से नागेंद्र चंद्रवंशी वह महागठबंधन से अनीता देवी के अलावा लोजपा से डॉक्टर कृष्ण कबीर,रालोसपा से अखिलेश्वर प्रसाद सिंह, जाप से अनिता यादव,जनतांत्रिक विकास पार्टी के द्वारा निर्दलीय प्रत्याशी आरती देवी समेत अन्य उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं।

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