आर० डी० न्यूज़ नेटवर्क : 18 मई 2022 : बैंक ऑफ बड़ौदा इकोनॉमिक रिसर्च की रिपोर्ट ने प्रति व्यक्ति आय के साथ विभिन्न देशों में नौ मई 2022 तक पेट्रोल की कीमतों को आंका और इसकी विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। इसमें दुनियाभर के 106 देशों को शामिल किया गया है। भारत में महंगाई का स्तर माह-दर-माह बढ़ता जा रहा है। देश में पेट्रोल की कीमतों में भी बीते दिनों हर दिन के हिसाब से तेजी आई थी, लेकिन फिलहाल यह महीनेभर से ज्यादा समय से स्थिर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में ही पेट्रोल सबसे अधिक महंगा नहीं है, इस मामले में देश का नंबर 42वां है। यानी दुनिया के 41 देशों में भारत से महंगा पेट्रोल बिक रहा है। इन देशों में ब्रिटेन, जर्मनी, हांगकांग, इटली, नीदरलैंड समेत कई नाम शामिल हैं। वहीं देश में पेट्रोल कई पड़ोसी देशों से महंगा बिक रहा है।

भारत में पेट्रोल की कीमतों पर घमासान

सबसे पहले बात कर लेते हैं भारत में पेट्रोल की कीमतों की। तो आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में 105.41 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। बीते 22 मार्च से छह अप्रैल तक देश में पेट्रोल की कीमतों में रोजाना के हिसाब से वृद्धि देखने को मिली थी, हालांकि इसके बाद महीने भर से ज्यादा समय बीत चुका है देश में पेट्रोल स्थिर बना हुआ है। यहां बता दें कि भारत में ईंधन की बढ़ती कीमतों से आम जनता तो परेशान है ही, बल्कि इसे लेकर सड़क से संसद तक घमासान मचा हुआ है। इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार और राज्यों में अपने करों को कम करने पर बहस छिड़ी हुई है। गौरतलब है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि मुख्य रूप से कच्चे तेल (पेट्रोल और डीजल बनाने के लिए कच्चा माल) की वैश्विक कीमत में वृद्धि के कारण होती है। इसके अलावा डॉलर के मजबूत होने से कच्चे तेल की कीमत में इजाफा हुआ है। जो कि वर्तमान के हालात हैं। 

106 देशों के आंकड़े जुटाए गए

बैंक ऑफ बड़ौदा इकोनॉमिक रिसर्च की रिपोर्ट ने प्रति व्यक्ति आय के साथ विभिन्न देशों में नौ मई 2022 तक पेट्रोल की कीमतों को आंका और इसकी विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। इसमें दुनियाभर के 106 देशों को शामिल किया गया है। पेश किए गए आंकड़ों को देखें भारत में पेट्रोल की कीमत 1.35 अमेरिकी डॉलर प्रति लीटर है, जो इस दुनियाभर के देशों की रैंक में 42वें स्थान पर रखती है। यानी दुनिया के 41 देश ऐसे हैं जहां कि पेट्रोल का भाव भारत से ज्यादा है। यह रिपोर्ट निश्चित तौर पर थोड़ी राहत देने वाली जरूरी है। जिन देशों में पेट्रोल की कीमत भारत की तुलना में अधिक है, उनमें ब्रिटेन, हांगकांग, फिनलैंड, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, ग्रीस, फ्रांस, पुर्तगाल और नॉर्वे मौजूद हैं। यह पेट्रोल प्रति लीटर 2 डॉलर से ऊपर बना हुआ है।

इन देशों में भारत से महंगा पेट्रोल

भारत से महंगे पेट्रोल के मामले में बात करें तो हांगकांग में पेट्रोल 2.58 डॉलर प्रति लीटर, जर्मनी में 2.29 डॉलर प्रति लीटर, इटली में 2.28 डॉलर प्रति लीटर, फ्रांस में 2.07 डॉलर प्रति लीटर इजरायल में 1.96 डॉलर प्रति लीटर, ब्रिटेन में 1.87 डॉलर प्रति लीटर, सिंगापुर में भी 1.87 डॉलर प्रति लीटर, न्यूजीलैंड में 1.75 डॉलर प्रति लीटर और ऑस्ट्रेलिया में 1.36 डॉलर प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। इन बड़े देशों के अलावा इस लिस्ट में फिनलैंड, पुर्तगाल, नॉर्वे समेत कई ऐसे देश मौजूद हैं, जहां कि पेट्रोल का दाम 2 डॉलर प्रति लीटर के आस-पास बना हुआ है। 

जापान-चीन-अमेरिका में पेट्रोल सस्ता

ऊपर बात हुई उन देशों की जहां भारत की तुलना में महंगा पेट्रोल बिक रहा है। अब बात कर लेते हैं उन देशों की जहां पेट्रोल की कीमत भारत से कम है। इनमें जापान और चीन समेत भारत के कई पड़ोसी देश शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और टर्की में पेट्रोल की कीमतें फिलहाल एक समान यानी 1.35 डॉलर प्रति लीटर हैं। जापान में पेट्रोल 1.25 डॉलर प्रति लीटर, चीन में 1.21 डॉलर प्रति लीटर, अमेरिका में 98 सेंट्स प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है। इसके अलावा भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत 1.05 डॉलर प्रति लीटर, पाकिस्तान में 77 सेंट्स प्रति लीटर और श्रीलंका में  67 सेंट्स प्रति लीटर की दर से पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। रिपोर्ट को देखें तो वियतनाम, केन्या, यूक्रेन, नेपाल, और वेनेजुएला की तुलना में भारत में कीमतें अधिक हैं। 

निम्म आय वर्ग पर ज्यादा प्रभाव

जो देश प्रमुख तेल उत्पादक हैं, उनमें पेट्रोल की कीमतें अपेक्षाकृत बहुत कम हैं। वहीं सबसे सस्ते पेट्रोल की बात करें तो मलेशिया में इसकी कीमत 47 सेंट्स प्रति लीटर है। रिपोर्ट को देखें तो भारत की पेट्रोल की कीमत अब बहुत अधिक दिखाई नहीं देती है। हालांकि, जब इसकी कीमत को प्रति व्यक्ति आय के साथ जोड़ा जाता है, तो यह देखा जा सकता है कि जहां भी कीमतें अधिक हैं, प्रति व्यक्ति आय भारत की तुलना में बहुत अधिक है। यही कारण है कि कम प्रति व्यक्ति आय वाले देशों के लिए पेट्रोल की कीमतें बड़ी आर्थिक परेशानी बन रही हैं, क्योंकि मुद्रास्फीति पर इसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव अधिक है, जो निम्न-आय वाले समूहों को सबसे अधिक प्रभावित करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !! Copyright Reserved © RD News Network