झारखंड में हुए खेल घोटाले के 12 साल बाद रांची में सीबीआई की टीम ने बंधु तिर्की के घर पर छापेमारी की है। 34वें राष्ट्रीय घोटाले में तत्कालीन खेल मंत्री बंधु के मोरहाबादी और बनहौरा स्थित आवास में गुरुवार को छापेमारी की गई।

आर० डी० न्यूज़ नेटवर्क : 26 मई 2022 : झारखंड : झारखंड में 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले के सिलसिले में राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बंधु तिर्की के रांची आवास पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने छापेमारी की। इस मामले में गुरुवार को झारखंड, बिहार, दिल्ली और नोएडा में 18 स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। झारखंड में रांची और धनबाद में कई स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं। रांची में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के निजी व सरकारी, दोनों आवास पर CBI की टीम सर्च कर ही है। बंधु तिर्की पर 28.38 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। इस घोटाले में काफी ऊंची कीमत पर बिना टेंडर के खेल सामग्री की खरीद शामिल है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर पिछले ही महीने इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गयी है।

हाईकोर्ट की ओर से 11 अप्रैल को जारी आदेश पर सीबीआई ने दो FIR दर्ज किये थे। 22 अपैल को पहला FIR मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण में हुई अनियमितता से जुड़ा है। इस पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज है। दूसरा मामला है। यह खेल आयोजन से जुड़े घपले घोटाले का है। इस मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कर रही थी, जिसमें बंधु तिर्की गिरफ्तार भी किए गए थे और उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई थी। इस मामले में ACB ने बंधु तिर्की को प्राथमिक अभियुक्त बनाया था।पूर्व खेल मंत्री बंधु तिर्की पर आरोप है कि उन्होंने धनबाद में दो स्क्वैश कोर्ट के निर्माण में वित्तीय अनियमितता की। स्क्वैश कोर्ट के निर्माण की जिम्मेदारी मुंबई की एक कंपनी जाइरेक्स इंटरप्राइजेज को दी गई थी। बंधु तिर्की के अलावा घोटाले से जुड़े सभी आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी हुई है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में सजा होने के बाद विधानसभा की सदस्यता गंवा चुके बंधु तिर्की फिलहाल दिल्ली में हैं।

आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में हाल ही में बंधु तिर्की को कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई थी। ACB ने इस मामले में तिर्की को सितंबर 2019 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद तिर्की को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। मगर इस कारण उनकी विधायकी भी चली गई। बंधु तिर्की रांची जिले के मांडर विधानसभा सीट से जेवीएम की टिकट पर विधायक चुने गए थे। बाद में जब झारखंड विकास मोर्चा यानी जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी भाजपा में शामिल हो गए तो बंधु तिर्की ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

अब मांडर विधानसभा सीट पर 23 जून को उपचुनाव की घोषणा की गई है। उससे पहले बंधु तिर्की के घर सीबीआई पहुंच गई। सीबीआई द्वारा दर्ज दो प्राथमिकी में नामजद 13 आरोपियों के खिलाफ छापेमारी की जा रही है। बताया गया है कि सीबीआई रांची में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण में हुई गड़बड़ियों की भी जांच करेगी। आरोप है कि कॉम्प्लेक्स के निर्माण में करीब 200 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ है। इसका बजट 206 करोड़ रूपये था, जो बाद में बढ़कर 424 करोड़ रुपये हो गया था। विधानसभा कमेटी ने ACB से इसकी जांच कराने को कहा था, लेकिन इस मामले की जांच अब तक नहीं हुई है।

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