
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | पटना | Updated: 3 मार्च 2026: बिहार के Bihar के Gopalganj जिले से बड़ी खबर सामने आई है। गंगवा गांव में घोघारी (गौघरी) नदी पर बन रहा एक निर्माणाधीन आरसीसी पुल अचानक ढह गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कास्टिंग के दौरान गिरा 29 मीटर लंबा ढांचा
जानकारी के अनुसार, गंगवा गांव में घोघारी नदी पर लगभग 29 मीटर लंबा आरसीसी पुल बनाया जा रहा था। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2.89 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
घटना के समय पुल की स्लैब की कास्टिंग का कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक तेज आवाज हुई और कुछ ही पलों में पुल का एक हिस्सा धंस गया। देखते ही देखते निर्माणाधीन ढांचा जमीन पर आ गिरा।
मौके पर मची अफरातफरी, लेकिन टला बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। कास्टिंग का काम कर रहे मजदूर बाल-बाल बच गए। यदि उस समय अधिक संख्या में मजदूर नीचे या स्लैब के पास मौजूद होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
Sidhwalia Police Station के एसएचओ ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा,
“सौभाग्य से इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है।”
ग्रामीणों का आरोप: घटिया सामग्री से हुआ निर्माण
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण में घटिया और सस्ती निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया, जिसकी वजह से कास्टिंग के दौरान ही ढांचा गिर गया।
स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि गुणवत्ता की सख्त जांच नहीं की गई, तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की तकनीकी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे पुल का इस तरह ढह जाना गंभीर लापरवाही का संकेत है।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और इंजीनियरिंग टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने क्षति का आकलन शुरू कर दिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ढांचा आखिर किस वजह से गिरा।
आगे की कार्रवाई क्या होगी?
अधिकारियों के अनुसार, विस्तृत तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे की असली वजह क्या थी —
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता?
तकनीकी खामी?
या कार्य में लापरवाही?
रिपोर्ट के आधार पर ही संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
गोपलगंज में निर्माणाधीन पुल का ढहना भले ही बिना जनहानि के समाप्त हो गया हो, लेकिन इस घटना ने सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि यह महज एक तकनीकी त्रुटि थी या फिर लापरवाही का परिणाम।


