
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | गुवाहाटी | Updated: 13 दिसंबर 2025: भारतीय क्रिकेट एक बार फिर मैच फिक्सिंग के आरोपों से शर्मसार हुआ है। इस बार मामला अंतरराष्ट्रीय नहीं बल्कि घरेलू क्रिकेट से जुड़ा है। असम क्रिकेट एसोसिएशन (ACA) ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में चार खिलाड़ियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
सस्पेंड किए गए खिलाड़ियों के नाम हैं—
अमित सिन्हा, ईशान अहमद, अमन त्रिपाठी और अभिषेक ठाकुरी।
क्या है पूरा मामला?
असम क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव सनातन दास ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि ये चारों खिलाड़ी क्रिकेट में भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग से जुड़ी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं।
सनातन दास के अनुसार—
“ये चारों क्रिकेटर अलग-अलग स्तर पर असम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के दौरान असम की टीम के कुछ खिलाड़ियों को प्रभावित करने और उकसाने की कोशिश की।”
BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
ACA ने न केवल खिलाड़ियों को निलंबित किया, बल्कि आपराधिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
असम क्रिकेट एसोसिएशन ने इस मामले में गुवाहाटी की क्राइम ब्रांच में FIR दर्ज करवाई है, जिससे अब यह मामला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि कानूनी दायरे में भी पहुंच गया है।
BCCI की सख्त चेतावनी
इस बीच टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने ऐसे मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा—“क्रिकेट में भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग जैसी गतिविधियां बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। ऐसे कृत्यों में शामिल पाए जाने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
असम का प्रदर्शन और टीम का हाल
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में असम की टीम को एलीट ग्रुप A में रखा गया था।
इस ग्रुप में भारत के उभरते स्टार क्रिकेटर रियान पराग भी असम की ओर से खेलते हैं।
हालांकि टूर्नामेंट में असम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा—
• टीम ने 7 मैचों में सिर्फ 3 जीत दर्ज की
• 8 टीमों वाले ग्रुप में 7वां स्थान हासिल किया
महत्वपूर्ण बात यह है कि मैच फिक्सिंग के आरोपों में घिरे ये चारों खिलाड़ी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में असम के आधिकारिक स्क्वाड का हिस्सा नहीं थे, लेकिन उन पर टीम के खिलाड़ियों को प्रभावित करने का आरोप है।
भारतीय क्रिकेट पर फिर उठे सवाल
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब BCCI और ICC लगातार क्रिकेट को भ्रष्टाचार से मुक्त रखने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। इसके बावजूद घरेलू स्तर पर इस तरह के आरोप भारतीय क्रिकेट की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। अब सभी की नजरें BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।


