
रिपोर्ट: Rohtas Darshan चुनाव डेस्क | ईरान | Updated: 4 मार्च 2026: ईरान की सत्ता में बड़ा बदलाव सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Assembly of Experts ने Mojtaba Khamenei को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना है। वह पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के दूसरे बड़े बेटे हैं।
56 वर्षीय मोजतबा लंबे समय से ईरान की सत्ता के भीतर प्रभावशाली माने जाते रहे हैं, हालांकि उन्होंने कभी कोई औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला।
कितनी है मोजतबा खामेनेई की संपत्ति?
मोजतबा खामेनेई की सटीक नेट वर्थ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। हालांकि, Bloomberg समेत कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनके पास करोड़ों डॉलर की संपत्ति हो सकती है।
कुछ रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि:
उनके विदेशी निवेश पश्चिमी बाजारों में फैले हुए हैं
स्विस बैंक खातों से जुड़े होने के दावे सामने आए हैं
ब्रिटेन में 138 मिलियन पाउंड से अधिक मूल्य की एक लग्जरी संपत्ति से उनका नाम जोड़ा गया है
हालांकि, इन सभी दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरानी सरकार की ओर से भी इस संबंध में कोई स्पष्ट बयान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
🇺🇸 2019 में लगे थे अमेरिकी प्रतिबंध
साल 2019 में अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई पर प्रतिबंध लगाए थे। उन पर आरोप था कि वह अपने पिता के कार्यालय के माध्यम से क्षेत्रीय नीतियों और सुरक्षा मामलों में प्रभाव डालते रहे हैं।
अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद से ही उनकी कथित संपत्तियों और विदेशी निवेश को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हुई थी।
परिवार और राजनीतिक रिश्ते
मोजतबा की शादी जहरा हदद-अदिल से हुई है, जो Gholam-Ali Haddad-Adel की बेटी हैं। हदद-अदिल ईरान के प्रमुख कंजर्वेटिव नेता और पूर्व संसद अध्यक्ष रह चुके हैं।
बताया जाता है कि उनकी शादी 2004 में हुई थी और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनके तीन बच्चे हैं, हालांकि इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
‘पर्दे के पीछे’ के ताकतवर नेता
मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से ‘पर्दे के पीछे’ प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता रहा है। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध के दौरान सैन्य सेवा भी दी थी।
हालांकि वे किसी उच्च धार्मिक पद पर नहीं रहे हैं, फिर भी माना जाता है कि सत्ता के अहम फैसलों में उनकी भूमिका रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनके चयन को लेकर ईरान के भीतर मतभेद उभर सकते हैं, क्योंकि शिया परंपरा में पिता से बेटे को सर्वोच्च धार्मिक पद सौंपना सामान्य परंपरा नहीं मानी जाती।
IRGC का समर्थन?
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मोजतबा के ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के साथ मजबूत संबंध हैं।
यह भी कहा जा रहा है कि उनके चयन में IRGC की भूमिका प्रभावशाली हो सकती है। हालांकि इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दिलचस्प बात यह है कि पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने कथित तौर पर संभावित उत्तराधिकारियों की एक सूची तैयार की थी, जिसमें मोजतबा का नाम शामिल नहीं बताया जाता था।
निष्कर्ष
मोजतबा खामेनेई की संपत्ति, विदेशी निवेश और राजनीतिक प्रभाव को लेकर कई दावे और अटकलें हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से इनकी पुष्टि सीमित है।
ईरान की राजनीति में यह बदलाव न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बड़ा असर डाल सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नए सुप्रीम लीडर के नेतृत्व में ईरान की आंतरिक और विदेश नीति किस दिशा में जाती है।


